Shaligram Worship Method Follow These Rules Keeping Shaligram At Home Otherwise It May Be Harmful

0

Shaligram Worship Method: भगवान विष्णु का ही स्वरुप हैं शालिग्राम. काले रंग का गोल और चिकना दिखने वाला पत्थर को शालिग्राम का रूप माना गया है. तुलसी मां के साथ शालिग्राम का विवाह किया जाता है. शालिग्राम विष्णु जी (Shaligram Vishnu Ji) का ही रूप हैं. मान्यता है कि उनकी पूजा में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि जिस घर में शालिग्राम (Shaligram At Home) मौजूद होते हैं उस घर में विष्णु जी की विशेष कृपा रहती है. 

कहते हैं कि घर में शालिग्राम रखने से घर में खुशहाली का वातावरण बना रहता है. अगर इनकी पूजा में सावधानी बरती न जाए, दोष लगता है. कहते हैं कि इन दोष के कारण खुशहाल जिंदगी में भी उथल-पुथल मच जाती है. अगर आप ने भी घर में शालिग्राम स्थापित किए हुए हैं, तो इन बातों का खास ख्याल रखें. 

इन बातों का रखें खास ख्याल (Shaligram Keeping Rules)

– शास्त्रों में बताया गया है कि शालिग्राम को केवल अपनी मेहनत से ही खरीदकर घर में रखना चाहिए. शालिग्राम को न तो किसी शादीशुदा व्यक्ति से खरीदना चाहिए और न ही किसी गृहस्थ को देना चाहिए. अगर कोई संत या पंडित देता है, तो इसे लेकर घर में रख सकते हैं. 

– अगर आप ने घर में शालिग्राम रखे हुए हैं, और इसे पवित्रता के साथ नहीं रख पा रहे, तो इसे किसी मंदिर या नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए.  वरना घर से खुशहाली चली जाती है. 

– कहते हैं कि शालिग्राम पर अक्षत चढ़ाना निषेध होता है. इसलिए इस पर अक्षत चढ़ाने से परहेज करें. विशेष स्थिति में अक्षत को पीले रंग में रंगकर ही चढ़ाएं. 

– मान्यता है कि शालिग्राम की पूजा नियमित रूप से करनी चाहिए. भगवान शालिग्राम की पूजा का क्रम टूटने से अशुभ प्रभाव पड़ता है. इनकी पूजा में तुलसी के पत्तों का प्रयोग अवश्य करना चाहिए. 

मुक्तिनाथ में भी है शालिग्राम मंदिर 

-धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मूर्ती पूजा से पहले प्रतीक के तौर पर शिवलिंग, शंख, शालिग्राम की पूजा की जाती थी. शालिग्राम भी शिवलिंग की तरह दुर्लभ हैं. यह नेपाल का मुक्तिनाथ इलाका, काली गण्डकी नदी का इलाका के पास मिलते हैं. नेपाल के मुक्तिनाथ में प्रसिद्ध शालिग्राम मंदिर भी है.

Sankashti Chaturthi December 2021: साल की आखिरी संकष्टी चतुर्थी कब है, जानें तिथि, महत्व और पूजा विधि

Shani Amavasya 2021: कब है शनैश्चरी अमावस्या? इस दिन पीपल से जुड़े ये उपाय करने से खुल जाती है किस्मत

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

 

FOLLOW US ON GOOGLE NEWS

 

Read original article here

Denial of responsibility! Pedfire is an automatic aggregator of the all world’s media. In each content, the hyperlink to the primary source is specified. All trademarks belong to their rightful owners, all materials to their authors. If you are the owner of the content and do not want us to publish your materials, please contact us by email – admin@pedfire.com. The content will be deleted within 24 hours.

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More